Bhagalpur News: अगर इसी जाम में किसी मरीज की जान चली जाए तो जिम्मेदार कौन होगा? विक्रमशिला सेतु पर लगे लंबे जाम को देखकर लोगों के मन में यही सवाल उठ रहा है। भागलपुर और नवगछिया को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग पर इन दिनों बेली ब्रिज के पास वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं। स्थिति ऐसी है कि एम्बुलेंस, स्कूल वाहन, छोटे बच्चे और आम यात्री घंटों तक जाम में फंसे रहने को मजबूर हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार बेली ब्रिज के संकरे हिस्से और यातायात प्रबंधन की कमी के कारण सुबह से शाम तक वाहनों का दबाव बना रहता है। सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों में दर्जनों वाहन एक के पीछे एक खड़े नजर आ रहे हैं। कई यात्रियों ने बताया कि जरूरी काम से निकलने के बावजूद उन्हें काफी देर तक सड़क पर इंतजार करना पड़ा।

लोगों का कहना है कि मौके पर पुलिस बैरिकेड तो लगाए गए हैं, लेकिन यातायात को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त पुलिसकर्मी मौजूद नहीं दिखे। इसके कारण वाहन चालकों में भ्रम की स्थिति बनी रही और जाम लगातार बढ़ता गया। खासकर एम्बुलेंस और आपातकालीन सेवाओं के लिए यह स्थिति चिंता का विषय बन गई है।
विक्रमशिला सेतु को भागलपुर की लाइफलाइन माना जाता है। हर दिन हजारों लोग इसी रास्ते से आवागमन करते हैं। ऐसे में जाम की समस्या न केवल यात्रियों की परेशानी बढ़ा रही है, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों और दैनिक जीवन को भी प्रभावित कर रही है।

स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों से तत्काल प्रभावी यातायात व्यवस्था लागू करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जब तक जाम की समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला जाता, तब तक बेली ब्रिज और सेतु के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाए ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।
अब बड़ा सवाल यह है कि भागलपुर की लाइफलाइन कहे जाने वाले विक्रमशिला सेतु पर जाम की यह समस्या कब खत्म होगी और लोगों को राहत कब मिलेगी?


















