Tax Saving Tips 2026: वित्तीय वर्ष 2025-26 खत्म होने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है। 31 मार्च 2026 इस फाइनेंशियल ईयर का आखिरी दिन है। ऐसे में अगर आप अपने टैक्स, निवेश और फाइनेंस से जुड़े जरूरी काम समय पर नहीं करते हैं, तो आपको अतिरिक्त टैक्स या पेनाल्टी का सामना करना पड़ सकता है।
इसलिए यह सही समय है कि आप अपने इनकम टैक्स, निवेश और बचत योजनाओं की समीक्षा करें और जरूरी काम पूरे कर लें। यहां हम आपको 8 ऐसे जरूरी काम बता रहे हैं, जिन्हें 31 मार्च 2026 से पहले पूरा करना बेहद जरूरी है।
एडवांस टैक्स की आखिरी किस्त जरूर भरें
अगर आपकी कमाई केवल सैलरी से नहीं है और आप फ्रीलांस, किराया, ब्याज या बिजनेस से भी इनकम करते हैं, तो आपको एडवांस टैक्स देना पड़ सकता है।
ऐसे मामलों में 15 मार्च 2026 तक कुल टैक्स देनदारी का 100% एडवांस टैक्स जमा करना जरूरी होता है।
अगर एडवांस टैक्स समय पर जमा नहीं किया गया, तो इनकम टैक्स एक्ट की धारा 234B और 234C के तहत ब्याज या पेनाल्टी लग सकती है।
निवेश के दस्तावेज समय पर जमा करें
कई कंपनियां फरवरी या मार्च तक इन्वेस्टमेंट प्रूफ जमा करने की प्रक्रिया बंद कर देती हैं।
अगर आपने साल की शुरुआत में टैक्स बचाने के लिए निवेश की जानकारी दी थी, तो अब उससे जुड़े दस्तावेज जमा करना जरूरी है।
इन दस्तावेजों में आमतौर पर शामिल होते हैं:
- जीवन बीमा प्रीमियम की रसीद
- ELSS निवेश स्टेटमेंट
- PPF योगदान का रिकॉर्ड
- होम लोन ब्याज सर्टिफिकेट
- हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम रसीद
- HRA के लिए किराया रसीद
ये छूट आमतौर पर धारा 80C, 80D और 80CCD(1B) के तहत मिलती हैं। अगर दस्तावेज समय पर जमा नहीं किए गए, तो मार्च की सैलरी से ज्यादा TDS कट सकता है।
टैक्स बचाने वाले निवेश पूरा कर लें
अगर आपने पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime) चुनी है, तो यह टैक्स बचाने वाले निवेश करने का आखिरी मौका है।
इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत आप 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट ले सकते हैं।
इसके लिए आप इन योजनाओं में निवेश कर सकते हैं:
- PPF (पब्लिक प्रोविडेंट फंड)
- ELSS म्यूचुअल फंड
- सुकन्या समृद्धि योजना
NPS में निवेश कर अतिरिक्त टैक्स छूट पाएं
अगर आप और ज्यादा टैक्स बचाना चाहते हैं, तो NPS (नेशनल पेंशन सिस्टम) में निवेश करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है।
इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80CCD(1B) के तहत इसमें 50,000 रुपये तक अतिरिक्त टैक्स छूट मिलती है।
यह छूट 80C की 1.5 लाख रुपये की सीमा से अलग होती है।
सरकारी बचत योजनाओं में न्यूनतम निवेश जरूर करें
कुछ सरकारी योजनाओं में खाता चालू रखने के लिए हर साल न्यूनतम निवेश करना जरूरी होता है।
उदाहरण के लिए:
- PPF: सालाना कम से कम ₹500 जमा करना जरूरी
- सुकन्या समृद्धि योजना: सालाना कम से कम ₹250 जमा करना जरूरी
अगर यह राशि जमा नहीं की जाती, तो खाता निष्क्रिय (Inactive) हो सकता है और उसे फिर से चालू करने के लिए अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है।
निवेश से हुए कैपिटल गेन की समीक्षा करें
वित्तीय वर्ष खत्म होने से पहले आपको अपने निवेश की समीक्षा जरूर करनी चाहिए।
इसमें शामिल हो सकते हैं:
- शेयर बाजार में निवेश
- म्यूचुअल फंड
- प्रॉपर्टी की बिक्री
आपको यह पता करना चाहिए कि शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन से कितना मुनाफा हुआ और उस पर कितना टैक्स बन सकता है।
होम लोन का ब्याज सर्टिफिकेट डाउनलोड करें
अगर आपने होम लोन लिया है, तो अपने बैंक या लेंडर से वार्षिक लोन स्टेटमेंट डाउनलोड कर लें।
इनकम टैक्स एक्ट की धारा 24(b) के तहत होम लोन के ब्याज पर 2 लाख रुपये तक टैक्स छूट मिल सकती है।
इसलिए यह दस्तावेज अपने नियोक्ता को समय पर देना जरूरी है।
टैक्स गेन हार्वेस्टिंग पर विचार करें
अगर आपके पास 12 महीने से ज्यादा समय से शेयर या इक्विटी म्यूचुअल फंड हैं, तो वित्तीय वर्ष खत्म होने से पहले मुनाफा बुक करने की रणनीति पर विचार कर सकते हैं।
इनकम टैक्स एक्ट की धारा 112A के अनुसार, लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर 1.25 लाख रुपये तक का मुनाफा टैक्स फ्री होता है।इसके बाद के मुनाफे पर 12.5% टैक्स लगता है। सही रणनीति के साथ निवेशक इस छूट का फायदा उठा सकते हैं।