नेपाल की राजनीति इन दिनों एक नए और दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गई है, जहां देश के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव लागू कर सभी का ध्यान खींच लिया है।इन
फैसलों में सबसे अहम है छात्र राजनीति पर पूरी तरह बैन, जिससे स्कूल और कॉलेजों में पढ़ाई का माहौल शांत और फोकस्ड बनाया जा सके। इसके साथ ही 5वीं कक्षा तक किसी भी प्रकार की परीक्षा खत्म कर दी गई है, ताकि छोटे बच्चों पर पढ़ाई का दबाव कम हो और वे बिना डर और तनाव के सीख सकें।
इतना ही नहीं, “ऑक्सफोर्ड” और “सेंट जेवियर्स” जैसे विदेशी नामों वाले स्कूलों के नाम बदलने का फैसला भी लिया गया है, जिससे देश की अपनी संस्कृति और पहचान को मजबूत किया जा सके। इन बदलावों को देखकर ऐसा लग रहा है कि नेपाल अब पारंपरिक शिक्षा मॉडल से हटकर एक नया प्रयोग कर रहा है। अगर ये प्रयोग सफल रहता है, तो आने वाले समय में अन्य देशों में भी युवा पीढ़ी यानी Gen Z के नेतृत्व में ऐसे बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं, जो पूरी दुनिया की शिक्षा और राजनीति की दिशा बदल सकते हैं।



















