सुपौल: बिहार के सुपौल जिले के सरायगढ़-भपटियाही प्रखंड से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। सड़क हादसे में मजदूर पवन यादव की मौत हो गई। इस घटना ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है।
बताया जा रहा है कि पवन यादव अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनकी असमय मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके पीछे 80 वर्षीय वृद्ध मां, पत्नी और 9 बेटियां हैं। इनमें 4 बेटियों की अभी शादी भी नहीं हुई है, जिससे परिवार की चिंता और बढ़ गई है।
ग्रामीणों के अनुसार पवन यादव मेहनत-मजदूरी कर अपने बड़े परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनकी कमाई से ही घर का खर्च चलता था। अब उनके निधन के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है।
घटना की खबर मिलते ही गांव में मातम छा गया। परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं गांव के लोग भी इस हादसे से स्तब्ध हैं। हर किसी की जुबान पर यही सवाल है कि अब इतने बड़े परिवार का सहारा कौन बनेगा।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और समाजसेवियों से पीड़ित परिवार की हरसंभव मदद करने की अपील की है, ताकि परिवार को इस कठिन समय में आर्थिक और सामाजिक सहयोग मिल सके।
यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि एक सड़क दुर्घटना किसी पूरे परिवार की जिंदगी बदल सकती है। पवन यादव की मौत से उनके परिवार का भविष्य अनिश्चित हो गया है और गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।


















