भारत के बैंकिंग सेक्टर में 2026 के जनवरी से मार्च तिमाही के दौरान एक बड़ा बदलाव देखने को मिला। इस दौरान SBI ने मार्केट कैपिटलाइजेशन के मामले में को पीछे छोड़ दिया और देश का दूसरा सबसे बड़ा बैंक बन गया।
SBI ने ICICI Bank को पछाड़ा
हालांकि इस समय SBI का मार्केट कैप लगभग 0.3% घटकर करीब ₹9.04 ट्रिलियन रह गया, लेकिन इसकी गिरावट ICICI Bank की तुलना में काफी कम थी। वहीं ICICI Bank का मार्केट कैप इस अवधि में 10% से ज्यादा गिर गया, जिससे उसकी रैंकिंग नीचे आ गई।
यह बदलाव ऐसे समय में हुआ जब पूरा बैंकिंग सेक्टर दबाव में था। टॉप 20 बैंकों में से 18 बैंकों के मार्केट कैप में गिरावट देखी गई। इसके पीछे मुख्य कारण वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, खासकर मध्य पूर्व में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव और विदेशी निवेशकों द्वारा बड़े पैमाने पर शेयरों की बिक्री रही, जिसने बाजार पर नकारात्मक असर डाला।
विशेषज्ञों के अनुसार, SBI ने इस मुश्किल समय में भी बेहतर प्रदर्शन किया क्योंकि उसका नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) और आय की स्थिरता अन्य बैंकों की तुलना में ज्यादा मजबूत रही। की रिपोर्ट के मुताबिक, SBI की लाभप्रदता और मार्जिन आगे भी स्थिर रहने की संभावना है, जिससे निवेशकों का भरोसा बना रहा। वहीं ICICI Bank के मार्जिन में कुछ कमी आने की आशंका जताई गई है।
इस बीच अभी भी भारत का सबसे मूल्यवान बैंक बना हुआ है, हालांकि इसके मार्केट कैप में भी लगभग 26% की गिरावट दर्ज की गई है।
कुल मिलाकर, इस तिमाही में SBI का ICICI Bank से आगे निकलना सिर्फ एक रैंकिंग बदलाव नहीं है, बल्कि यह दिखाता है कि मजबूत आधार, स्थिर आय और निवेशकों का भरोसा होने पर सरकारी बैंक भी कठिन परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं।


















